दस माह बाद भी नहीं भरे आपदा के जख्म!

सांगला (किन्नौर)(विशेश्वर नेगी)दस माह बाद भी ग्रामीणों को आपदा से मिले जख्म नहीं भरे। इसे सरकारी सिस्टम की नाकामी नहीं तो और क्या कहेंगे। ग्रामंग-थवारिंग सड़क बहाल नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत मुरंग के ग्रामंग, लालेन और थवारिंग की करीब डेढ़ की आबादी राशन और जरूरी सामान पीठ पर ढोने को मजबूर है। मरीजों को भी अस्पताल पीठ पर उठाकर पहुंचाया जा रहा है। चुनावी मौसम में यहां की जनता सड़क का मुद्दा जोर शोर से उठा रही है।
बीते साल जून के महीने में उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल के किन्नौर जिले में आपदा का कहर बरपा। सड़कें, पुल और भवन आपदा की भेंट चढ़े। इस दौरान पर सरकारी मशीनरी राहत कार्य में जुटी। लेकिन अफसोस की बात करीब दस महीने बीत चुके हैं, इसके बाद भी आपदा से दौरान हुई क्षति की भरपाई पूरी नहीं हो सकी।
पूह खंड के ग्राम पंचायत मुरंग में बीते वर्ष 16, 17 और 18 जून को भारी बारिश से अवरुद्ध हुए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत आने वाला थवारिंग संपर्क मार्ग अभी तक बहाल नहीं किया जा सका है। इस कारण ग्राम पंचायत मुरंग के ग्रामंग, लालेन और थवारिंग के लगभग 1200 लोग यातायात सुविधा से महरूम हैं। सड़क के बंद होने से करीब एक दर्जन निजी वाहन भी अभी तक फंसे हुए हैं। गांव के कई लोगों ने तो सड़क नहीं खुलने से वाहनों के कल पुर्जे अलग-अलग करके बंद रास्ते से निकाला है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत आने वाले ग्रामंग-थवारिंग मार्ग के खरोटा नामक जगह पर सड़क करीब 20 मीटर सड़क धंस चुकी है। हालांकि लोगों ने इस बारे में कई बार लोनिवि से शिकायत भी की है। लेकिन इसके बाद भी समाधान नहीं हो सका। ग्राम पंचायत मुरंग के प्रधान अजेंद्र नेगी, उपप्रधान अनूप नेगी, पूर्व बीडीसी सदस्य महेश्वर सिंह नेगी, उदय नेगी, रविंद्र राज नेगी, लोभ जांग, शेरब नेगी, योगिंद्र नेगी, महेंद्र नेगी, रत्नभूषण नेगी, जय भगत नेगी, कालजांग नेगी आदि ने जिला प्रशासन और लोनिवि से मांग की है कि सड़क को जल्द बहाल किया जाए। इधर, इस बारे में लोनिवि के एसडीओ मुरंग प्रेम कुमार डोगरा ने कहा कि उक्त सड़क मार्ग को बहाल करने का काम दो तीन दिनों में शुरू कर दिया जाए।

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